वर्ष-18, अंक-11(01-15 जून, 2015)
पूंजीवादी राजनीति में जब दो नाटकीय पात्र आमने-सामने खड़े हो जायें तो इस बात की पूरी संभावना है कि दृश्य नाटकों से बन जाये और दर्शकों को आनंददायक लगे। दिल्ली प्रदेश में आजकल यही हो रहा है।
दिल्ली प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग की खासियत यह है कि वे नाट्य कला में रुचि रखते हैं और गाहे-बगाहे नाटकों में अभिनय भी करते हैं। उनके द्वारा अभिनीत एक-दो नाटक तो खासे मशहूर भी रहे हैं। ऐसा तो नहीं लगात कि पिछली कांग्रेस सरकार ने उनकी इस खासियत की वजह से दिल्ली का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया हो पर उन्होंने केन्द्र के एजेण्ट की भूमिका बखूबी निभाई है। पहले वे केन्द्र की कांग्रेस सरकार के लिए काम कर रहे थे, अब भाजपा सरकार के लिए कर रहे हैं।
पूंजीवादी राजनीति में जब दो नाटकीय पात्र आमने-सामने खड़े हो जायें तो इस बात की पूरी संभावना है कि दृश्य नाटकों से बन जाये और दर्शकों को आनंददायक लगे। दिल्ली प्रदेश में आजकल यही हो रहा है।
दिल्ली प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग की खासियत यह है कि वे नाट्य कला में रुचि रखते हैं और गाहे-बगाहे नाटकों में अभिनय भी करते हैं। उनके द्वारा अभिनीत एक-दो नाटक तो खासे मशहूर भी रहे हैं। ऐसा तो नहीं लगात कि पिछली कांग्रेस सरकार ने उनकी इस खासियत की वजह से दिल्ली का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया हो पर उन्होंने केन्द्र के एजेण्ट की भूमिका बखूबी निभाई है। पहले वे केन्द्र की कांग्रेस सरकार के लिए काम कर रहे थे, अब भाजपा सरकार के लिए कर रहे हैं।

