वर्ष-17,अंक-21(01-15 नवम्बर, 2014)
विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक 70 देशों गुनिया, लाइबेरिया, नाइजीरिया, सेनेगल, सेयरा लेओन, स्पेन व संयुक्त राज्य अमेरिका में इबोला संक्रमण के करीब 9 हजार मामले सामने आये हैं और लगभग 4500 लोग इससे मर चुके हैं। अफ्रीकी देशों में यह तेजी से फैल रहा है और वहां की गरीबी व स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव देखते हुए यह बहुत जानें ले रहा है। लाइबेरिया में हालात बुरे हैं।
इबोला वायरस से संक्रमित व्यक्ति को 40 डिग्री सेन्टीग्रेड के आस पास बुखार आता है, पेट में दर्द होता है व पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ जाती है। इबोला वायरस 1970 के दशक में माली व एकाध अन्य अफ्रीकी देशों में पाया गया था पर तब यह इतना व्यापक रूप से नहीं फैला था और कुछ जानें लेने के बाद यह समाप्त हो गया था या निष्क्रिय हो गया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक 70 देशों गुनिया, लाइबेरिया, नाइजीरिया, सेनेगल, सेयरा लेओन, स्पेन व संयुक्त राज्य अमेरिका में इबोला संक्रमण के करीब 9 हजार मामले सामने आये हैं और लगभग 4500 लोग इससे मर चुके हैं। अफ्रीकी देशों में यह तेजी से फैल रहा है और वहां की गरीबी व स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव देखते हुए यह बहुत जानें ले रहा है। लाइबेरिया में हालात बुरे हैं।
इबोला वायरस से संक्रमित व्यक्ति को 40 डिग्री सेन्टीग्रेड के आस पास बुखार आता है, पेट में दर्द होता है व पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ जाती है। इबोला वायरस 1970 के दशक में माली व एकाध अन्य अफ्रीकी देशों में पाया गया था पर तब यह इतना व्यापक रूप से नहीं फैला था और कुछ जानें लेने के बाद यह समाप्त हो गया था या निष्क्रिय हो गया था।
